राजस्थान के भौगोलिक क्षेत्र एवं प्राचीन नाम

RPSC & RSSB परीक्षाओं के लिए मास्टर स्टडी मैटेरियल एवं टेस्ट सीरीज़

📌 क्विक रिवीजन मास्टर टेबल

क्र.सं. स्थानीय/प्राचीन नाम शामिल मुख्य क्षेत्र / आधुनिक जिले परीक्षा के लिए विशेष नोट (Key Facts)
1 वागड़ (Vagad) डूंगरपुर व बाँसवाड़ा राजस्थान का सुदूर दक्षिणी भाग, जहाँ वागड़ी बोली मुख्य रूप से बोली जाती है।
2 हाड़ौती (Hadoti) कोटा, बूंदी, बारां व झालावाड़ मालवा के पठार का विस्तारित भाग, जो अपनी उपजाऊ काली मिट्टी के लिए प्रसिद्ध है।
3 भोमट (Bhomat) उदयपुर, पूर्वी सिरोही व डूंगरपुर अरावली का अत्यंत दुर्गम एवं भील बाहुल्य पहाड़ी वन्य क्षेत्र।
4 मेवात (Mewat) अलवर व भरतपुर मेव जाति की ऐतिहासिक अधिकता के कारण इस बॉर्डर क्षेत्र को मेवात कहते हैं।
5 कांठल (Kanthal) प्रतापगढ़ (माही नदी का किनारा) माही नदी के किनारे (कांठे) पर स्थित होने के कारण इसे कांठल का मैदान कहते हैं।
6 ऊपरमाल (Uparmal) भीलवाड़ा (बिजौलिया) से चित्तौड़गढ़ (भैंसरोड़गढ़) यह एक ऊँचा उठा हुआ पठारी भाग है, जो बिजौलिया किसान आंदोलन का मुख्य केंद्र था।
7 गिरवा (Girwa) उदयपुर शहर के चारों ओर की पहाड़ियाँ उदयपुर के चारों ओर फैली तश्तरीनुमा (Bowl-shaped) पहाड़ियों की श्रृंखला।
8 भाकर (Bhakar) सिरोही का तीव्र ढाल वाला क्षेत्र पूर्वी सिरोही में अरावली की अत्यंत तीव्र ढाल वाली और कटी-फटी पहाड़ियाँ।
9 मेवल (Meval) डूंगरपुर व बांसवाड़ा के मध्य का भाग डूंगरपुर और बांसवाड़ा के बीच स्थित स्थानीय पहाड़ी भू-भाग।
10 छप्पन का मैदान बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ के मध्य माही नदी के बहाव क्षेत्र में स्थित 56 नदी-नालों या 56 गांवों का समूह।
11 बांगर / भांगर (Bangar) सीकर, झुंझुनूं, चूरू व नागौर पुरानी जलोढ़ मिट्टी और अंतःप्रवाहित कातली नदी का अर्द्ध-शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्र।
12 देशहरो (Deshharo) रागा व जरगा पहाड़ियों का मध्य भाग उदयपुर में रागा और जरगा पर्वतों के बीच का क्षेत्र जो वर्षभर हरा-भरा रहता है।
13 मांड / वल्ल देश जैसलमेर प्राचीन काल का मरुस्थलीय क्षेत्र, जहाँ प्रसिद्ध 'मांड गायिकी' शैली का विकास हुआ।
14 गोडवाड़ प्रदेश (Godwar) बाड़मेर, जालौर, सांचौर व पाली लूनी नदी का बेसिन या बहाव क्षेत्र जहाँ गोडवाड़ी उप-बोली बोली जाती है।
15 थली (Thali) बीकानेर व चूरू का मरुस्थलीय भाग मरुस्थल के ऊँचे उठे हुए रेतीले धरातल को स्थानीय भाषा में थली कहते हैं, जहाँ कोई नदी नहीं बहती।

📝 अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice MCQs)

Q1. भौगोलिक क्षेत्रों के प्राचीन/स्थानीय नामों में से कौन सा सुमेलन पूरी तरह 'गलत' है?
ग्राम विकास अधिकारी (VDO) / पटवार परीक्षा
(a) वागड़ - डूंगरपुर व बांसवाड़ा
(b) मेवात - अलवर व भरतपुर
(c) भोमट - प्रतापगढ़ व चित्तौड़गढ़
(d) हाड़ौती - कोटा, बूंदी व झालावाड़
उत्तर: (c)
व्याख्या: विकल्प (c) गलत सुमेलित है। 'भोमट' क्षेत्र का संबंध मुख्य रूप से उदयपुर, सिरोही व डूंगरपुर के पहाड़ी भील बाहुल्य क्षेत्रों से है। प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के क्षेत्र को मुख्य रूप से कांठल या मालवा क्षेत्र के संदर्भ में देखा जाता है। बाकी सभी विकल्प एकदम सही सुमेलित हैं।
Q2. भीलवाड़ा के बिजौलिया से लेकर चित्तौड़गढ़ के भैंसरोड़गढ़ के मध्य फैले ऊँचे पठारी भाग को स्थानीय भाषा में किस नाम से जाना जाता है?
आरएएस (RAS Pre) / वनपाल परीक्षा
(a) गिरवा
(b) ऊपरमाल
(c) देशहरो
(d) भाकर
उत्तर: (b)
व्याख्या: बिजौलिया (भीलवाड़ा) और भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) के बीच स्थित पठारी भू-भाग को ऊपरमाल (Uparmal) कहा जाता है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक बिजौलिया किसान आंदोलन के लिए बहुत प्रसिद्ध रहा है।
Q3. उदयपुर में स्थित 'रागा' और 'जरगा' पर्वत चोटियों के मध्य वर्षभर हरा-भरा रहने वाला पहाड़ी भाग क्या कहलाता है?
RPSC II Grade Teacher / कनिष्ठ लेखाकार
(a) थली
(b) देशहरो
(c) कांठल
(d) गोडवाड़
उत्तर: (b)
व्याख्या: उदयपुर की रागा और जरगा पहाड़ियों के बीच का क्षेत्र सदाबहार वनस्पति के कारण हमेशा हरा-भरा रहता है, इसलिए इसे स्थानीय भाषा में 'देशहरो' (Deshharo) यानी "देश का हरा भाग" कहा जाता है।
Q4. प्रतापगढ़ जिला मुख्य रूप से माही नदी के किनारे पर स्थित है, इस तटीय मैदानी भाग को प्राचीन काल में क्या कहा जाता था?
RSSB CET (Graduate Level)
(a) कांठल
(b) मेवल
(c) हाड़ौती
(d) थली
उत्तर: (a)
व्याख्या: नदी के किनारे वाले भाग को स्थानीय भाषा में 'कांठा' कहा जाता है। माही नदी के किनारे स्थित होने के कारण प्रतापगढ़ के इस मैदानी भू-भाग को 'कांठल' (Kanthal) के नाम से जाना जाता है। इसीलिए माही नदी को 'कांठल की गंगा' भी कहते हैं।
Q5. सिरोही जिले के पूर्वी भाग में स्थित अरावली की अत्यंत तीव्र ढाल वाली, कटी-फटी और उबड़-खाबड़ पहाड़ियों को स्थानीय भाषा में क्या पुकारा जाता है?
RPSC राजस्थान पुलिस SI परीक्षा
(a) गिरवा
(b) भाकर / भाकर
(c) छप्पन की पहाड़ियाँ
(d) वागड़
उत्तर: (b)
व्याख्या: पूर्वी सिरोही क्षेत्र में पाई जाने वाली तीव्र ढाल युक्त, खड़ी और संकीर्ण पहाड़ियों को स्थानीय भाषा में भाकर (Bhakar) कहा जाता है। जबकि उदयपुर की तश्तरीनुमा पहाड़ियों को 'गिरवा' कहा जाता है।